विवियापुर में श्रीमद्भागवत कथा में गूंजा महाराज पृथु का प्रसंग
नैमिष से पधारे कथा व्यास अनिरुद्धाचार्य महाराज ने सुनाया चरित्र
पचदेवरा। क्षेत्र के विवियापुर स्थित सिद्धेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में नैमिष, सीतापुर से पधारे कथा व्यास अनिरुद्धाचार्य महाराज ने महाराज पृथु के चरित्र का वर्णन किया। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
कथा व्यास ने बताया कि महाराज पृथु भगवान विष्णु के अंशावतार और आदर्श चक्रवर्ती सम्राट थे। उन्होंने प्रजा के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। राजा वेन की मृत्यु के बाद ऋषियों ने उसके शरीर का मंथन किया, जिससे महाराज पृथु का प्राकट्य हुआ।
उन्होंने बताया कि पृथु महाराज के शासनकाल में प्रजा अन्न के अभाव से परेशान थी। पृथ्वी ने गौ का रूप धारण किया। बाद में पृथु महाराज ने पृथ्वी से अन्न, औषधियां और वनस्पतियां प्राप्त कर प्रजा के लिए समृद्धि का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने पृथ्वी को अपनी पुत्री के रूप में स्वीकार किया।
कथा व्यास ने कहा कि महाराज पृथु का जीवन जनसेवा, आदर्श राजधर्म और प्रकृति संरक्षण की प्रेरणा देता है। इस दौरान पिंटू सिंह, रामानंद दीक्षित, सुधीर सिंह, मनोज सिंह, विजय बहादुर सिंह, हरगोविंद दीक्षित, नन्हू दीक्षित, धनवीर सिंह, लल्ला सिंह, नीलू सिंह, मोहन सिंह समेत सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।


